मास्टर अर्थ कुमार जैसे अनेक छात्रों को पढ़ई तुंहर द्वार से मिल रही प्रेरणा

छत्तीसगढ़

रायपुर, 01 मई 2020/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लॉकडाउन की अवधि में स्कूली विद्यार्थियों की नियमित रूप से पढाई के लिए शुरू की गई ऑनलाइन कक्षाएं दूरस्थ अंचलों में भी लोकप्रिय होती जा रही है। इससे विद्यार्थियों में सीखने की ललक भी बढ़ रही है। कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा जैसे पिछड़े और सुदुर क्षेत्रों में शासन द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई के लिए चलाए जा रहे पढई तुहंर द्वार कार्यक्रम से फायदा मिल रहा है, इससे विद्यार्थियों को नई-नई चीजे सीखने को मिल रही हैं।

ऐसी एक कहानी है मास्टर अर्थ कुमार की जिनके सीखने की ललक फिल्म थ्री इंडियट के किरदार की याद दिलाती है। मास्टर अर्थ कुमार वह हर चीज सीखने में रूचि रखता है। चाहे वह किसी भी विषय या कक्षा की बात हो। इसी जिज्ञासा के चलते वह पढई तुहंर द्वार कार्यक्रम के बारे सामग्रियों को देखकर लगातार सीख रहा है। ऑन लाइन कक्षाओं में दिए जा रहे असाइंमेंट को भी वह पूरी मेहनत के साथ पूरा कर रहा है। अर्थ कुमार का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई में सीखने का मजा दो गुना हो जाता है। इससे हमेंशा सीखने की ललक और जिज्ञासा बनी रहती है। मास्टर अर्थ कुमार बताते हैं कि अब तक प्रसारित कार्यक्रमों में उसे अंग्रेजी में टेन्स की क्लास बहुत अच्छी लगी।

अर्थ कुमार को कक्षा 9 वीं में जनरल प्रमोशन मिला है। संयुक्त परिवार में रहकर पढाई कर रहे इस बच्चे की सीखने की ललक को देखते हुए मां ने अपना मोबाइल बेटे अर्थ को उपयोग के लिए दिया है। अर्थ अपने पिता जयंत कुमार शांडिल्य एक शिक्षक हैं वह उनसे गणित का अध्ययन घर पर रहकर कर रहा है। उसे सभी ऑनलाइन कक्षाएं बहुत पसंद हैं, चाहें वह किसी भी कक्षा की हों। ऑनलाइन कक्षा के अलावा वह प्रतिदिन घर पर दो-तीन घंटे पढ़ाई करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *