गंगरेल बांध में शुरू हुआ बिजली का उत्पादन,प्रति घंटा 3.7 मेगावाट बिजली का हो रहा उत्पादन

छत्तीसगढ़
धमतरी। गंगरेल बांध के पेन स्टाक और हेड रेग्यूलेटर से रूद्री बरॉज व भिलाई नहर में छोड़े जा रहे पानी से बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। अलग-अलग 4 यूनिटों से 3.7 मेगवाट बिजली उत्पादन हो रहा है जिसकी अनुमानित लागत 11,100 रूपये है।
गंगरेल बांध में 55 प्रतिशत पानी भरा है। अंचल में बारिश नहीं होने से खेतों में दरार आने की शिकायत के बाद जल उपयोगिता समिति ने नहरों के माध्यम से किसानों को पानी देने की शुरू 28 जुलाई की शाम 4 बजे से किया है। पहले पेन स्टाक से 500 क्यूसेक रूद्री बरॉज में व हेड रेग्यूलेटर से भिलाई में 300 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा गया था।
लेकिन बुधवार को पानी जावक की मात्रा को बढ़ा दिया गया। पेन स्टाक में 800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंगरेल बांध में हेड रेग्यूलेटर से होकर बहने वाली पानी से बिजली का उत्पादन भी हो रहा है। पेन स्टाक के पानी से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी एवं हेड रेग्यूलेटर से सावित्री कंपनी द्वारा बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन के पास दो यूनिट है। दोनों यूनिटों में 1.7-1.7 मेगावाट बिजली उत्पादन जारी है। इस प्रकार कुल 3.4 मेगावट बिजली तैयार हो रहा है।
इसी तरह सावित्री कंपनी के पास भी दो यूनिट है लेकिन हेड रेग्यूलेटर में पानी की मात्रा कम है। इसलिए 0.3 मेगावाट उत्पादन हो रहा है। इस प्रकार दोनों कंपनियों के माध्यम से 3.7 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। अनुमान लागत प्रति घंटा बिजली का उत्पादन 11,100 रूपये है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *