राम मंदिर के लिए कांग्रेस का चंदा फिसल गये तो हर-हर गंगे : सच्चिदानंद उपासने

छत्तीसगढ़

रायपुर। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण अवश्यंभावी देखकर कांग्रेस द्वारा चोला बदलने पर भाजपा ने कटाक्ष किया है। पार्टी प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि यह वैसा ही हुआ कि फिसल गये तो हर-हर गंगे। उन्होंने कहा कि अंत-अंत तक कांग्रेस मंदिर निर्माण में अड़ंगा लगाती रही। हर मंच पर उसकी लगातार कोशिश रही कि भगवान श्रीराम का विरोध कर वोट वसूला गया। उन्होंने कहा कि आज जब मंदिर पर अंतिम फैसला आ गया है, तब कांग्रेस के महापौर, विधायक और अन्य प्रतिनिधिगण चंद पैसे चंदा देकर पार्टी का पाप धोना चाहते हैं, ऐसा कदापि संभव नहीं होगा।
श्री उपासने ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर की बात तो छोड़ दीजिए, कांग्रेस ने तो भगवान श्रीराम के अस्तित्व से ही इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि श्रीराम सेतु मामले में न केवल कांग्रेस सरकार ने हलफनामा देकर रामसेतु को काल्पनिक बताया था, बल्कि यह भी कहा था कि देश के आर्थिक उन्नति के लिए रामसेतु टूटना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजद्रोह में कांग्रेस ने भाजपा की चुनी हुई सरकारों को नाहक बर्खास्त कर दिया था। ऐसी कांग्रेस किस मुंह से श्रीराम की बात कर रही है, यह सोचकर भी आश्चर्य होता है। उपासने ने कालनेमि का जिक्र करते हुए कहा कि अगर राम विरोधी लोग भगवान का नाम जपने लगे तो सावधान हो जाना चाहिए।
श्री उपासने ने कहा कि दु:ख की बात यह है कि आज भी कांग्रेस श्रीराम के मामले पर दोहरा रवैया अपना रहा है। उसका एक प्रवक्ता सर्वोच्च अदालत के फैसले का स्वागत कर रहे तो दूसरे नेता उससे असहमति जता रहे । हमेशा की तरह कांग्रेस का इस मामले पर भी दोहरा आचरण निंदनीय है। उपासने ने कहा कि अगर सच में कांग्रेस को इस मामले में अपने किये पर अफसोस है, तो उसे समूचे देश से हाथ जोड़ कर माफी मांगना चाहिए और उस मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के साथ द्रोह करने के लिए शर्मिंदा होना चाहिए। उपासने ने साथ ही कांग्रेस से यह अपील की कि वह अब कम से कम भगवान को बख्श दे और इस विषय पर सस्ती राजनीति से बाज आयें।
उन्होंने कहा कि वैसे भी दान कभी कांग्रेसियों की तरह विज्ञापन करके नहीं दिया जाता है। इस तरह से केवल राजनीति की जाती है, अपना उत्पाद बेचा जाता है। उन्होंने कांग्रेस से यह अपील भी की कि अपने पितरों की भलाई के लिए गुप्तदान करें।

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