आर्टिकल-370 हटा केंद्र ने जम्मू-कश्मीर को दिया `धोखा`, लोकतांत्रिक ढंग से लड़ेंगे लड़ाई : फारुख अब्दुल्ला

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जम्मू कश्मीर | जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटे एक साल बीत चुका है, लेकिन वहां की स्थानीय पार्टियां अभी इस बदलाव को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं। अब नैशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के नेता फारुख अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे लोग आर्टिकल 370 हटने के खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक ढंग से लड़ाई जारी रखेंगे।
उमर अब्दुल्ला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर उनकी याचिका दायर है जिसमें मजबूत पॉइंट रखे गए हैं। दूसरी तरफ फारुख अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब वह केंद्र और राज्य के लोगों के बीच पुल का काम नहीं करेंगे क्योंकि केंद्र की तरफ से लोगों को धोखा दिया गया है. यहां फारुख अब्दुल्ला ने आर्टिकल 370 को हटाने का जिक्र किया।
पिछले साल केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर का स्पेशल स्टेटस वापस लेते हुए आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35A को खत्म कर दिया था। इसके साथ राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया था। इसमें एक हिस्से में जम्मू और कश्मीर और दूसरे में लद्दाख है।
फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीरी अब खुद को भारत का हिस्सा नहीं मान रहे। वह बोले, अगर आप सच जानना चाहते हैं तो वह यह है कि अब यहां लोग खुद को भारत का हिस्सा नहीं मानते। आप यहां लोगों से पूछेंगे तो वे पाकिस्तान का हिस्सा भी नहीं बनना चाहते, लेकिन अब जो केंद्र सरकार ने किया उसके बाद वे भारत का हिस्सा भी नहीं रहना चाहते।`
वहीं, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि जम्मू कश्मीर में हिंदू जनसंख्या बढ़े और मुस्लिम जनसंख्या कम हो जाए। उन्होंने कहा कि मैं इस बात की गारंटी देता हूं कि आर्टिकल 370 हटने के बाद वहां जितने डोमिसेल जारी हुए हैं उसमें से 90 प्रतिशत गैर मुस्लिम लोगों के हैं। वह बोले कि इस जनसांख्यिकीय बदलाव के गलत परिणाम होंगे।

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