गौठानो में पहुंच रहे बाहरी आवारा मवेशियों

राज्य
रायपुर । आधे – अधूरे नवाचारी गौठानो मे पहुंच रहे बाहरी आवारा मवेशियों का देखरेख कर पाना पंचायतों व गौठान समितियों के बस की बात नहीं । इन मवेशियों के साथ होने वाले किसी अनहोनी के लिये प्रशासन ने इनके कंधों पर बंदूक रख चलाने की प्रवृत्ति के चलते ये पंचायतें व समितियां सांसत् में हैं और खासकर ग्रामीण राजनीति के चलते । इन्हें इस सांसत् से छुटकारा दिलवाने ऐसे मवेशियों के लिये अभ्यारण्य बनवाने सहित कई सुझावों को ले किसान संघर्ष समिति ने शासन के नुमाइंदों को ज्ञापन प्रेषित किया है ।
प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल व पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री टी .एस . सिंहदेव को मेल से व कृषि मंत्री रवीन्द्र चौबे, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास को व्हाट्सएप से यह सुझावयुक्त ज्ञापन समिति संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने प्रेषित किया है ।
ज्ञापन मे अवैध कब्जों की वजह से बदरंग हो चले ग्रामों में सुराजी गांव योजना के तहत वर्तमान परिवेश में नवाचारी गौठान निर्माण की परिकल्पना को व्यापक ग्रामहित में स्वागतेय ठहराते हुये लिखा गया है। प्रदेश के 20599 ग्रामों में से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल 5000 गौठान निर्माण का लक्ष्य होने व तकरीबन 2200 गौठानो के अस्तित्व में आने की जानकारी मिली है। इन अस्तित्वधारी गौठानो के भी परिकल्पना के अनुरूप अब तक निर्माण न हो आधे अधूरे रहने के बाद भी ऐसे आवारा मवेशियों को किसानों की फसल बचाने मजबूरन सीमित संसाधनों के भरोसे रखे जाने व इन मवेशियों के साथ हो रहे किसी अनहोनी के लिये पंचायत व गौठान समितियों को जिम्मेदार ठहराये जाने से आक्रोश पनपने की जानकारी भी ज्ञापन मे दिया है।
नवाचारी गौठान न होने वाले ग्रामों के ग्रामीणों ने अपने अनुपयोगी व अलाभप्रद मवेशियों सहित बाहर के ग्रामों से पहुंचने वाले ऐसे आवारा मवेशियों को धकेलते धकेलते, गौठानों तक पहुंचाने की वजह से हरेक ऐसे गोठानो में सैकड़ों की संख्या में, ये मवेशिया अब तक इक_े हो जाने की बात भी ज्ञापन में लिखा गया है। इन मवेशियों के संबंध में पूर्ववर्ती सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सहित तात्कालिक मुख्य सचिव अजय सिंह को सुझावयुक्त ज्ञापन सौंपे जाने व इस पर कार्रवाई लंबित रहने के दौरान ही सरकार बदल जाने की जानकारी देते हुए, पूर्ववर्ती सरकार के शासनकाल में इन मवेशियों के लिये अभ्यारण्य निर्माण की योजना को राजनैतिक नजरिया से न ले तत्काल अमलीजामा पहनाने की दिशा में अग्रसर होने का आग्रह किया गया है।

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