मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के इस निर्णय से कि कोरोना महामारी के कारण किसी भी छात्र की पढाई में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए और जो भी छात्र सरकारी स्कूल में प्रवेश चाहता है उसे प्रवेश देने के निर्णय से पालकों को काफी राहत मिलेगा। वहीं बच्चे पढाई पुरा कर अपने सुंदर सुनहरा भविष्य की ओर आगे बढेगे- वंदना राजपूत

छत्तीसगढ़
रायपुर/20 सितंबर 2020। मुख्यमंत्री भुपेश बघेल निजी विद्यालय छोडने वाले छात्रों को शासकीय स्कूलों में दाखिला देने के निर्देश से बच्चे आगे के पढ़ाई पूरा कर पायेंगे छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि  ऐसे बच्चे जो निजी विद्यालय के विद्यार्थी थे आर्थिक तंगी के कारण उस विद्यालय मे पढाई जारी रखने में असमर्थ हो गये थे एवं माता- पिता भी अपने बच्चे के भविष्य को लेकर चिंतित थे।  मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के इस निर्णय से कि कोरोना महामारी के कारण किसी भी छात्र की  पढाई में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए अौर जो भी छात्र सरकारी स्कूल में प्रवेश चाहता है उसे प्रवेश देने के बात से पालकों को काफी राहत मिलेगा। वहीं बच्चे पढाई पुरा कर अपने सुंदर सुनहरा भविष्य के अोर आगे बढेगे। कोरोना आपदा के कारण लोगों के रोजी रोटी संकट मे आ गया है काम धंधे ठप हो गये है।    मुख्यमंत्री जी जमीनी स्तर पर कार्य करते है इसलिए  यथासंभव जनहित के कार्य करते है।
भारतीय जनता पार्टी ने लंबे समय तक राज्य किये लेकिन कभी भी गरीब बच्चों पर ध्यान नही दिये। पू्र्वती सरकार के समय पूरी शिक्षा व्यवस्था लचर थी।
वंदना राजपूत ने कहा कि केंद्र के सरकार को जनता का  बिलकुल भी फिक्र नहीं है इसलिए बढ़ती हुई महंगाई पर ना चिंतित है अौर ना बेकाबू महंगाई को कम करने वा नियंत्रण करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे है। लोग पहले से बेरोजगार थे अौर अब  कोविड के कारण जिनके पास रोजगार था वह भी छिन्न गया। मोदी जी को अब गहरी नींद से जाग जाना चाहिए अौर देखें कि देश की जनता किस तरह से बढ़ती महंगाई को लेकर परेशान है.  पेट्रोलियम पदार्थों में बेताहाशा वृद्धि से  आज दैनिक वस्तुओं के  मूल्य आसमान छू रहा है। अत्यधिक महंगाई बढने के कारण घर का  बजट बिगड़ गया है।
मोदी सरकार बहुत सारी उम्मीदें जगाकर बड़े ही, आशापूर्ण माहौल में सत्ता में आई थी। प्रधानमंत्री ने आर्थिक बदलाव, तेज विकास,महंगाई में कमी, रोजगार सृजन अौर विदेशों में जमा काला धन अौर सम्पत्ति को वापस लाकर भारतीयों के बीच बांटने जैसे लुभावने वादे किये थे।वंदना राजपूत इस बात पर गंभीर चिंता प्रकट करती है कि यह सरकार अपने वादे पूरे करने में बुरी तरह से नाकाम रही । प्रधानमंत्री मोदी  ने किसानों, खेतिहर मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, स्वरोजगार में लगे लोगों, शारीरिक श्रम करने वालों, व्यापारियों, बेरोजगार युवाओं अौर गरीबों को धोखा दिया गया है।

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