मोदी सरकार एक राष्ट्र एक बाजार एक दर की घोषणा करें : भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़
रायपुर/10 अक्टूबर 2020। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानून के विरोध में आज कांग्रेस ने वर्चुअल सम्मेलन का आयोजन किया। प्रदेश भर में 320 स्क्रीन के माध्यम से हर जगह सैकड़ों-हजारों की संख्या में किसान मजदूर और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। 67 हजार 800 लोगों ने मोबाईल और लेपटॉप के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से वर्चुवली देखा। वर्चुवल किसान मजूदर बचाओं सम्मेलन में जुड़े और मोदी सरकार के काले कानून का विरोध किया। किसान मजदूर बचाओं सम्मेलन में केन्द्र सरकार के किसान मजदूर विरोधी तीन काले कानूनों पर एक पुस्तिका का विमोचन किया। इस पुस्तिका में उन सभी सवालों के जवाब है जो किसानों, मजदूरों और आम जनता में उठ रहे हैं। 
 
किसान मजदूर बचाओं सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि ऐसे कानून का हम सब करते हैं, जिसमें किसानों के हित को नकार दिया गया है। देश और प्रदेश में औद्योगिक विकास जरूरी है, पर अन्नदाताओं की बलि देने वाले काले कानून को स्वीकार नहीं किया जा सकता। मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार का यह कानून किसानों को बंधवा मजदूर गुलाम बना देगा।
 
किसान मजदूर बचाओं सम्मेलन को संबोधित करते हुए एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया काला कानून दरअसल, अडानी और अंबानी के दफ्तर में बैठकर बनाया गया है। अडानी-अंबानी के यहाँ से सीधे बिल पेश कर दिया गया यह कानून किसानों के लिए नहीं उद्योगपतियों के लिए है। इस बिल में उद्योगपतियों के हित को साधने का काम किया गया है, तो देश के किसानों को मुसीबत में डालने की योजना तैयार की गई है। पुनिया ने कहा कि देश को धोखे में रखकर यह बिल पारित कराया गया है। इस कानून का आरएसएस, एनडीए के घटक दल सहित भाजपा शासित राज्य हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भी विरोध किया है।
 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान मजदूर बचाओं सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि मोदी भाजपा के द्वारा एक राष्ट्र एक बाजार का नारा लगाकर किसानों को भरमाया जा रहा है। देश भर के किसानों की ओर से उस नारा में एक लाईन और जोड़ता हूं। ‘‘एक राष्ट्र एक बाजार एक दर की घोषणा मोदी सरकार करें।’’ पूरे देश में किसान विरोध नहीं करेंगे। एक राष्ट्र एक बाजार का नारा लगाने वाली मोदी सरकार एक दर की बात क्यों नहीं करती? वाजिब दर की क्यों बात नहीं करती? न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसान की फसल की खरीदी की बात क्यों नहीं करती?
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनौती दी कि एक राष्ट्र- एक बाजार की बात कर रहे हैं, इसमें एक दर भी जोड़ दें। यदि प्रधानमंत्री में हिम्मत है तो इसे लागू करें। भूपेश बघेल ने विश्वास दिलाया है कि कोई आंदोलन नहीं होगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मोदी सरकार ने जो तीन कृषि कानून लाए इससे केवल व्यापारियों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के कारण दायरे में रहकर इसका विरोध कर रहे हैं, यदि कोरोना संकट का समय नहीं होता तो हजारों-हजारों की संख्या में कांग्रेस किसानों के साथ सड़क पर उतरती। मुख्यमंत्री ने भाजपा से, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक से सवाल किए हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार जो बोनस दे रही थी, उस पर केन्द्र सरकार ने रोक क्यों लगा दी? भूपेश बघेल ने कहा कि में साय और कौशिक से पूछना चाहता हूं कि स्वामीनाथम कमेटी की रिपोर्ट लागू हुई या नहीं। आय दुगुनी कैसे होगी ? ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब इन्हें देना चाहिए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि नोटबंदी के दौरान जनता परेशान हुई। जीएसटी से व्यापारी परेशान हो रहे हैं। अब किसानों को परेशान करने तीन काले कानून लाए गए हैं।

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