हलषष्ठी पर पुत्र एवं सौभाग्य की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा कमरछठ का व्रत

छत्तीसगढ़ धर्म राज्य

रायपुर(बुलंदखबर) भाद्र पक्ष की षष्ठी तिथि को हलषष्ठी का त्योहार  बनाया जाता है ।  दरअसल धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान बलरामजी का जन्म हुआ था । भगवान कृष्ण के बड़ेे भाई बलरामजी का प्रधान शस्त्र हल और मुसल है। इसलिए भगवान बलरामजी को हलधर भी कहा जाता है। ..धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है की द्वापरयुग में भगवान कृष्ण सेे पहले  शेषनाग ने भगवान बलराम का अवतार लिया था।.

इसलिए महिलाओं ने हर साल की तरह स साल भी कमर छठ का व्रत रखा और अपनी संतान के लिए दीर्घायु एवं सौभाग्य एवं संपन्नता की कामना की।

 

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