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निगमों में नलों की टोंटी लगाने का पैसा तक भूपेश सरकार ने नही छोड़ा: सांसद सुनील सोनी

रायपुर। भाजपा सांसद सुनील सोनी ने नगरीय निकाय चुनावों में महापौर के सीधे चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समाप्त करने के कांग्रेस सरकार के फैसले को नितांत अलोकतांत्रिक कदम बताया है।

 सोनी ने कहा कि ऐसा करके प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने नगरीय निकाय के चुनाव में अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली की आड़ लेकर जनादेश को धनबल-बाहुबल और छल-कपट से पलटने के षड्यंत्र की पटकथा लिखने का काम करना चाह रही है लेकिन कांग्रेस असफल रहेगी।
सांसद सोनी ने कहा कि भाजपा की पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने जिस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी, समन्वयकारी और विकेन्द्रीकृत करके एक स्वस्थ-स्वच्छ राजनीतिक वातावरण निर्मित किया था, प्रदेश की मौजूदा कांग्रेस सरकार ने उसे प्रदूषित कर अकल्पनीय गहरी अंधेरी खाई में धकेलने का काम किया है।

भाजपा जनादेश की पवित्रता और लोक-आराधन की सांस्कृतिक अवधारणा के सम्मान की रक्षा के लिए जी-जान लड़ाएगी।  सोनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह फैसला साफ करता है कि अपने महज नौ माह के कार्यकाल में वह छत्तीसगढ़ में रचे गए पाखंड, झूठ, छलावे और धोखाधड़ी के ‘राजनीतिक कीर्तिमानों, के बोझ से छटपटा रही है, और नगरीय निकायों में उसे अपनी शर्मनाक हार का स्पष्ट संकेत मिल चुका है, इसलिए ही नगरीय निकाय चुनावों की प्रणाली को बदलने का अलोकतांत्रिक कदम कांग्रेस सरकार उठाने जा रही है। भूपेश सरकार ने निकायों में नलों की टोंटी लगाने तक का पैसा नहीं छोड़ा है। अपनी विफलता छुपाने के लिए सीधे तौर पर महापौर का चुनाव लड़ने से भाग रही है। कांग्रेस के नेताओं और सत्ताधीशों से ऐसे ही फैसलों की उम्मीद की जा सकती है क्योंकि धनबल-बाहुबल और छल-कपट की राजनीति करके लोकतांत्रिक परम्पराओं को पलीता लगाना और जनादेश को पलटकर अपमानित करना कांग्रेस की शुरू से ही सियासी फितरत रही है।

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