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पुलिस में शहीदों के परिवारों की हर समस्या का निराकरण किया जाएगा: मुख्य सचिव श्री अजय सिंह

रायपुर, 21 अक्टूबर 2018/पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन माना स्थित चैथी वाहिनी परिसर में किया गया। इस अवसर पर राज्य शासन के मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने सभी शहीदों के परिजनों से चर्चा करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस में शहीदों के परिजनों की हर समस्या का निराकरण किया जाएगा। राज्य शासन हर समय शहीदों के परिजनों के साथ है। पुलिस स्मृति दिवस की 59वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस कर्तव्य-परायणता, त्याग और बलिदान की गौरवगाथा के रूप में याद की जा रही है। राज्य के नौजवान पुलिसबल में केवल आजीविका के लिए नहीं आते बल्कि अपनी माटी का कर्ज चुकाने के पावन जज्बे के साथ आते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विरादरी के लिए यह दिन गर्व का प्रतीक है, देश की अखण्डता और एकता के लिए  समस्त प्रदेश एवं देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपना जीवन दाव पर लगाते हुए कर्तव्य निवर्हन करना कोई साधारण काम नहीं है। कर्तव्य परायण के लिए अपने जीवन का बलिदान करने की मिसालें दुर्लभ ही होती हैं। पुलिसबल में शामिल लोग असाधारण असामान्य जीवन जीते हैं और 24 घंटे जनता की सुरक्षा में डटे रहते हैं। पुलिस सेवा के लोग जब अपनी जान जोखिम डालकर अपने कर्तव्य का निवर्हन करते हैं तभी हम अपने घरों में सुरक्षित रह पाते हैं। श्री अजय सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने नक्सली गतिविधियों का मुकाबला किया है और शहादत दी है। ऐसे स्थिति में पुलिसबल का मनोबल मनाये रखना अत्यंत आवश्यक है और यह कार्य हम सबके सहयोग के बिना संभव नहीं है। शहीदों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करते हुए हमे उनके योगदान से नई पीढ़ी को भी अवगत कराना चाहिए।
पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन. उपाध्याय ने अपने सम्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में आम नागरिकों की सुरक्षा तथा सामाजिक शांति व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तथा अहम भूमिका है। प्रदेश की नक्सल गतिविधियां हो अथवा अपराध की रोकथाम तथा अपराधियों को पकडने का कार्य हो राज्य की पुलिस उसमें सदैव तत्पर रहती है और अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठापूर्वक करती है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद देश के अनेक भागों में फैला हुआ है जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य का बहुत बड़ा भाग भी प्रभावित है। माओवादी मानवता एवं प्रजातांत्रिक मूल्यों के विरूद्ध सक्रिय है। हमारे जवान हमेशा विकट प्रस्थितियों में रहकर इस चुनौती का निडरता, साहस एव धैर्य के साथ सामना कर रहे हैं। राज्य में एक सितम्बर 2017 से 31 अगस्त 2018 तक पुलिस जवानों ने नक्सली मुठभेड़ में 115 नक्सलियों को मार गिराया है। इन्हीं चुनौतियों का सामना करते हुए छत्तीसगढ़ में 25 जवानों ने वीरगति प्राप्त की है। इसी अवधि में देश में कुल 414 जवानों की शहादत हुई है। पुलिस स्मृति दिवस पर श्री उपाध्याय ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने शहीदों के परिजनों को विश्वास दिलाया कि छत्तीसगढ़ पुलिस सदैव उनके साथ है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (गृह) श्री अमिताभ जैन, महानिदेशक जेल एवं होमगार्ड श्री गिरधारी नायक, विशेष पुलिस महानिदेशक श्री डीएम अवस्थी और श्री आर.के विज, महानिदेशक श्री संजय पिल्ले , महानिदेशक आर्थिक अपराध ब्यूरो श्री मुकेश गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सर्वश्री अरूण देेव गौतम, अशोक जुनेजा, पवन देव, रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपांशु काबरा, पुलिस अधीक्षक श्री अमरेश मिश्रा सहित समस्त पुलिस अधिकारी तथा शहीदों के परिजन उपस्थित थे।

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