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गर्मी में कैसे रखे अपने बालो को घने और सुनहरे ?

गर्मियों ने दस्तक दे दी है / मौसम के लिहाज से गर्मी पसंदीदा सीजन माना जाता है लेकिन गर्मी के मौसम में त्वचा और बालों की परेशानियाँ भी कम नहीं होती / तेज धूप की बजह से बालों में रूखापन , खुजली , दोमुंहें बेजान बाल आम समस्या होती है / गर्मी में बालों के झड़ने की समस्या से अधिकतर महिलायें जूझती रहती हैं / लेकिन ऐसा कतई नहीं है की इन समस्यायों का कोई इलाज नहीं है या फिर इसके लिए आपको महंगे हेयर सैलून में जाकर जेब हलकी करनी पड़ेगी /
आप कुछ बिलकुल साधारण उपायों से जैसे की बालों को पगड़ी , हेलमेट , स्कार्फ़ से ढकने , नहाने के बाद तोलिये की बजाय कॉटन के कपड़े से बाल सुखाने ,बालों की नियमित तेल मालिश , स्विमिंग पूल में नहाने से परहेज करने सहित खान पान में जूस ,सूप , सलाद , सीज़नल हरी सब्ज़ियों के सेवन तथा अपनी जीवन शैली में पॉजिटिव बदलाब लाने से लम्बे ,चमकीले , सुन्दर और आकर्षक बालों के साथ है अपने पूरे व्यक्तित्व को निखार सकती हैं /
कुछ साधारण आर्युवेदिक नुस्खों से बालों के सौंदर्य की सभी समस्याओं से प्रभावी तरीके से निपटा जा सकता है तथा आप दिनभर खुले आसमान की धूप में रहने के बावजूद खिली-खिली रहकर आकर्षण का केन्द्र बन सकती हैं ।
अगर आपको अपने बालों की कंडीशनिंग तथा प्रकृति का साधारण ज्ञान है तो बालों को गर्मी की समस्या से आसानी से निपटा जा सकता है। बालों की चमक तथा सौंदर्य के लिए आप केवल प्राचीन भारतीय प्रकृतिक, आयुर्वेदिक नुस्खों को ही अपनाइए। बालों को घरेलू उपचार प्रदान करने से पहले आपको अपने बालों की संरचना बनावट तथा घरेलू नुस्खों में प्रयोग की जाने वाली आयुर्वेदिक सामग्री की पूरी जानकारी होनी चाहिए। बाजार में मिलने वाले रासायनिक उत्पाद आपके बालों के सौंदर्य से जुड़ी किसी भी समस्या का कतई उपचार नहीं का सकते है लेकिन वह कुछ समय तक बालों की वर्तमान स्थिति को बनाए रखने में ही मददगार साबित हो सकते है जबकि दूसरी ओर घरेलू आयुर्वेदिक पदार्थो से बालों को किसी भी साइड इफैक्ट के बिना प्राकृतिक तरीके से निखारा जा सकता है।
अगर आप बालों को आयुर्वेदिक प्रकृतिक तरीकों से निखारना चाहते है तो दूसरों का कतई अनुसरण न करें तथा बालों पर बार-बार प्रयोग तथा परीक्षण कतई न करें। प्रत्येक मुनष्य के बालों की प्रकृति तथा उनकी आवश्यकताएं बिल्कुल भिन्न होती हैं तथा आपको अपने दोस्त की तरह परिणाम नहीं मिलें यह भी सम्भावना है।
बालों में खुश्की सामान्यतः अधिकतर लोगों में पाई जाती है। बालों में शुष्कता, बालों में रासायनिक पदार्थो के उपयोग तथा लम्बे समय तक तेज धूप में रहने से आती है तथा कुछ मामलों में यह प्राकृतिक तौर पर पारिवारिक वंशावली में पाई जाती है। इन दोनों परिस्थितियों में बालों को नियमित माइस्चराईजिंग की जरूरत होती है। बालों में खुश्की के समाधान के लिए कंडीशनर, हेयर स्पाॅ तथा दूसरे रासायनिक पदार्थ तथा रासायनिक उपचार केवल मात्र अस्थाई तौर पर ही प्रभावकारी साबित होते है। इसके लिए गर्मी में धूप में जाने से पहले बालों को हेलमेट ,पगड़ी या स्कार्फ़ से कवर करने से आपके बाल ताजा और प्राकृतिक बने रहेंगे तथा मौसम की मार से बचे रहेंगे /
बालों की खुश्की के प्रभावी तथा दीर्घकालीन उपाय के लिए प्रीकंडीशनिंग को काफी मददगार माना जाता है। अपने बालों केा धोने से 5 मिनट पहले बालों पर तेल मालिश कीजिए। सरसों का तेल/ नारियल तेल प्री कंडीशनिंग में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है तथा सरसों तेल/नारियल तेल से प्री कंडीशनिंग से बालों की शुष्कता को प्रभावाी तरीके से निपटा जा सकता है। गर्मियों के दौरान सौंदर्य बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थो विशेषकर स्वच्छ पानी का भरपूर उपयोग कीजिए। गर्मियों में सूर्य की सीधी किरणों से बचाव कीजिए।
गर्मी में बालों में रासायनिक पदार्थो के उपयोग से नीरसता आ जाती है। यदि आपके बालों की प्रकृति तैलीय या सामान्य है तो आप मेंहदी में एक चम्मच दही तथा पानी मिलाकर बनाए गए पेस्ट का बालों पर लेप कर सकते है। यह तैलीय खोपड़ी को मजबूती प्रदान करता है तथा बालों के प्राकृतिक रंग में चमक प्रदान करता है। यह एक स्पाट बालों को भी रंगत तथा चमक प्रदान करता है। इस मिश्रण को बालों पर 15 मिनट तक लगाने के बाद बालों को साफ, ताजे पानी से धो डालना चाहिए।
दो मुंहें बालों की समस्या से हमें सब को ही जूझना पड़ता है। इन दो मुंहे बालों से बाल भद्दे दिखाई देते है। इन दो मुंहे बालों का अभी तक कोई प्रभावी उपचार नहीं ढूंढा गया है तथा इन्हें काटना ही पड़ता है। गर्मी में अपने बालों को अहिस्ता से धोऐं तथा ब्रश करें। यदि आप बालों को नियमित रूप से प्रीकंडीशनिंग करते है तो आपको दो मुंहे बालों की समस्या से निपटने के लिए बालों की नियमित कटाई तथा प्रीकंडीशनिंग दोनों ही प्रभावी उपाय माने जाते है। गर्मी में बालों को चौड़े दांतों बाली कँघी का प्रयोग लाभकारी होता है /
बालों की रूसी समाज में आम समस्या है तथा अगर उसका समय रहते उपचार न किया जाऐ तो यह गम्भीर समस्या का स्वरूप ले लेती है। बालों की रूसी के सामाधन के लिए बालों को साफ रखना सबसे अहम माना जाता है। प्रतिदिन बालों को ताजें तथा साफ पानी से धोना चाहिए। महीने में दो बार हल्दी में पानी मिलाकर बने पेस्ट या लेप को खोपड़ी पर 10 मिनट तक लगाने के बाद बालों को साफ एवं ताजे पानी से धो डालिए। बालों की रूसी में हल्दी रामवाण का काम करती है। यदि आपके बालों को तैलीय रूसी की समस्या से जूझना पडता है तो बालों को प्रतिदिन धोऐं तथा खोपड़ी पर किसी भी केयर पैक का उपयोग कतई न करें। तैलीय रूसी में आपको डर्मटालजिस्ट से जरूर परामर्श करना चाहिए।
हालंाकि सिर के बाल हर मौसम में ही झड़ते हैं लेकिन गार्मियों तथा बरसात में बालों के झड़ने की प्रवृति काफी बढ़ जाती है। पसीने तथा गर्मी की अधिकता बालों के गिरने की मुख्य वजह मानी जाती है। बालों को गिरने से रोकने के लिए शरीर में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थो विशेषकर पानी, जूस, नारियल पानी आदि की जरूरत होती है। शरीर में संतुलित आहार, नियमित हेयरकट, बालों की सफाई तथा प्री कंडीशनिंग से बालों के गिरने की समस्या को प्रभावी तरीके से रोका जा सकता है। स्वच्छ बाल कभी नहीं गिरते । हेयरकट से खोपड़ी पर बालों के वजन को कम करने में मदद मिलती है जिससे बालों का गिरना रूक जाता है। बालों के स्वास्थ्य तथा पोष्टिकता में प्रीकंडीशिनिंग वाश तथा हेयर कट सबसे अहम माने जाते है तथा सभी दवाईयों तथा उपचार से ज्यादा प्रभावी माने जाते है।
याद रखिए कि साफ बाल तथा संतुलित आहार बालों के स्वास्थ्य में सबसे महत्वपूर्ण है।

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