भेंट मुलाकात: मुख्यमंत्री बघेल ने 100 ट्रैक्टर पैरादान करने के लिए सुरगी के किसानों का जताया आभार

छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग-न्यूज़ रायपुर

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के लिए राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सुरगी पहुंचे। मुख्यमंत्री बघेल ने ग्राम पंचायत सुरगी में माता शीतला मंदिर में पूजा कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और ख़ुशहाली की कामना की। छत्तीसगढ़ में शीतला माता का विशेष महत्व और आस्था है। गांव में कोई भी शुभ और मंगल कार्य माता शीतला की पूजा कर की जाती है।

 

छत्तीसगढ़ में विशेष आस्था के साथ शीतला माता की पूजा की जाती है। गांव में ऐसी मान्यता है कि शीतला माता की पूजा करने से गांव में किसी प्रकार की बीमारी या प्राकृतिक प्रकोप नहीं आता है। माता शीतला गांव की रक्षा करती है। इस विश्वास के साथ गांव में माता शीतला का विशेष महत्व होता है।

 

 

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ भेंट-मुलाकात कार्यकम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा उम्मीद से अधिक संख्या में लोग सुनने आये हैं, आज आप सभी से मिलने जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ आया हूँ।

 

इससे पहले भी सुरगी आ चुका हूँ, दरी में बैठकर देर तक आपसे सुख-दुख की चर्चा हुई थी। आप लोगों के लिए कर्जमाफी की, राजीव गांधी किसान न्याय योजना लेकर आये। सरकार बनने के बाद किसानों के हितों में किये गए वादों को पूरा करने का फैसला लिया।

मुख्यमंत्री बघेल को रानीतराई निवासी गंगा राम साहू, ने बताया कि एक एकड़ के लिए कर्जा लिया था। सब माफ हो गया। पैसा धान का लगातार मिल रहा है। उपरहा अर्थात एक्स्ट्रा पैसे का क्या कर रहे हो, पूछने पर गंगा ने बताया कि जो लाभ हुआ कि गन्ना लगा लिया। गंगा ने पूछा कि मैं राजीव गांधी किसान न्याय योजना से चंदन का पौधा लगाना चाहता हूँ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, जरूर लगाएं। श्यामलाल देवांगन, देवादा ने बताया कि मेरी साढ़े पांच एकड़ खेती है। टोकन लूंगा। मैंने मासरी लगाया है। श्यामलाल ने भारतमाला के संबंध में अपनी समस्या रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों से कहा था कि इसके लिए हमने फैसला किया था कि अवार्ड पारित होने के बाद दोगुना राशि देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि जो अवार्ड पहले दे दिया गया, उनका भूतलक्षी प्रभाव से भुगतान हुआ। उन्होंने मुआवजे के अलग वितरण पर कहा कि फैसला लेने के पूर्व जो अवार्ड हुए, उसमें कम राशि मिली। तभी हमने फैसला किया था कि किसानों को दोगुना अवार्ड देंगे। विस्तार से किसानो को बताया।

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 100 ट्रैक्टर पैरादान करने के लिए सुरगी के किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन में यह सहभागिता अनुकरणीय है।

 

गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों से मुख्यमंत्री ने चर्चा की। इस बीच सोनिया साहू ने बताया कि हर हफ्ते गोबर बेच रही हूँ, पैसा एक साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के साथ आता है। कोटरभाठा की पार्वती ने बताया कि हफ्ता में 50 क्विंटल गोबर बेचती हूँ। मुख्यमंत्री ने आश्चर्य किया कि इतना। तब पार्वती ने ठीक किया, कहा किलो में। खाते में 8 हजार रुपये आया।

 

संस्कार सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि 3 लाख रुपये कमा चुके हैं, सब बांट लिया। मैंने इस राशि से जनरल स्टोर खोल लिया। हम लोग मशरूम का उत्पादन करना चाहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, बिल्कुल इसकी व्यवस्था कराएंगे।

 

वर्मी कम्पोस्ट डालने वाले विदेशी राम निषाद ने बताया कि वे खेत में वर्मी कम्पोस्ट डाल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्मी का बढ़िया लाभ है। अधिकारी इन्हें प्रोत्साहित करें। राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना से लाभान्वित हितग्राही ओंकार प्रसाद बघेल ने बताया योजना का लाभ मिलने से बड़ी राहत मिली है। नियमित किश्त मिल रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा, जिनके पास जमीन नहीं है। सेवाराम भोले ने कहा कि दो किश्त मिली है, हास्य से सेवाराम ने मुख्यमंत्री से कहा-मोर नाव ल याद रखहु सेवा राम बनभोले।

 

मुख्यमंत्री को मनोज विश्वकर्मा ने कहा कि मेरे पास 32 साल से आवास नहीं है। जिसपे मुख्यमंत्री ने पूछा कि तुम तो युवा दिख रहे हो, उम्र क्या है। मनोज ने कहा 32 साल।

 

हाट बाजार क्लीनिक योजना के बारे में जानकारी लेने पर मुख्यमंत्री को बच्चुराम ने बताया कि मैं भर्रेगांव का हूँ। गांव में नियमित गाड़ी आती है। वहां से दवाई ले रहा हूँ। पैसा नहीं लगता। बच्चुराम ने कहा कि अच्छी योजना है। मुझे अब तक भूमिहीन योजना का लाभ नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि इसे दिखवा लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन जी बाल काटते हैं। ये भी इस योजना के पात्र हितग्राही हैं। लोहार हैं वो भी पात्र हैं। शीतला मंदिर में महाराज ने पूजा की, वो भी पात्र हैं। बस ये कि भूमि नहीं होना चाहिए।




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