बारूद फैक्टरी, कोल्ड स्टोरेज व ईंट भट्ठों में 94 लोगों की टीबी की जांच में मिले एक संभावित मरीज़

छत्तीसगढ़

बेमेतरा, 20 जनवरी 2021: जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त प्रदेश के लिए उच्च जोखिम समूहों में सघन टीबी रोगी खोज अभियान 11 जनवरी से 15 फरवरी 2021 तक चलाया जा रहा है। आज जिले के बेरला ब्लॉक में बारूद फैक्ट्री पिरदा, कोल्ड स्टोरेज कन्दरका, ईटा भट्टा आदि  जगहों पर कार्य करने वाले लोगों की टीबी की जांच की गयी जिसमें एक व्यक्ति में टीबी के लक्षण मिले हैं ।

ब्लॉक में इस अभियान के अंतर्गत  94 लोगों की जांच में टीबी के एक संभावित व्यक्ति की पहचान की गई है। उसका  सेंपल एकत्र करके सीबी नॉट जांच के लिए लैब भेजा गया है । अभियान में जिले के सार्वजनिक व निजी औद्योगिक इकाइयों व खनिज उपक्रमों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिला कार्यक्रम समन्वयक कुमारी संपत्ति बंजारे, एसटीएस बेरला दिनेश कुमार बेरला, सेक्टर सुपरवाइजर, आर. एच. ओ. ऋषि साहू , सेक्टर सुपरवाइजर अनीता सोनी,  चंद्रशेखर साहू व स्थानीय मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के कर्मचारियों की भी डयूटी लगाई गई है।

पिछले दिनों जिला मुख्यालय बेमेतरा के मलिन बस्ती में कुल 58 लोगों की टीबी जांच की गयी थी । साथ ही नांदघाट में ईटा भट्ठा व धान मंडी से लगे बस्तियों में 146 लोगों की जांच की गयी थी  जिसमें से दो संभावित मरीजों में टीबी की पहचान की गई है।

जिला क्षय उन्नमूलन अधिकारी डॉ. जीएस ठाकुर ने बताया, “जिले में टीबी रोगी की खोज के लिए संभावित मरीजों की जांच कर शत-प्रतिशत नोटिफिकेशन किया जाएगा। अभियान के दौरान जांच में टीबी के लक्षण मिलने पर बलगम के साथ-साथ कोरोना की भी जांच की  जा रही है। उन्होंने बताया अभियान के तहत लोगों को सावधानियां बताते हुए जागरूक भी  किया जा रहा है। इस अभियान में टीबी के साथ एड्स के रोगियों की भी पहचान की जा रही है। जिले की शहरी मलिन बस्तियों में घर-घर जाकर, खदान, औद्योगिक इकाइयों के श्रमिकों के लिए टीबी खोज अभियान की कार्ययोजना तैयार की गई है। डा. ठाकुर ने बताया, खोज अभियान के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता, टीबी चैम्पियन, एनजीओ पार्टनर एवं मितानिन को खोजी दल में शामिल किया गया है। शहरी मलिन बस्ती में प्रतिदिन 20 से 25 घरों में सर्वेक्षण कार्य प्रशिक्षत खोजी दलों द्वारा किया जाना है। टीम के लिए माइक्रो प्लानिंग कर ब्लॉक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गांव, पारा, जनसंख्या, टार्गेट एरिया, टार्गेटेड जनसंख्या तथा टीम की मेंबर के नाम की रिपोर्ट तैयार की जा रही है”।

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